📜 आज का पंचांग
दैनिक वैदिक विवरणमाह के प्रमुख व्रत एवं त्यौहार
| दिनांक | वार | पर्व / व्रत / उत्सव |
|---|
साप्ताहिक राहुकाल व अभिजीत
| दिन (वार) | राहुकाल (अशुभ) | अमृत / शुभ समय |
|---|---|---|
| रविवार | 04:30 - 06:00 PM | 07:30 - 09:00 AM |
| सोमवार | 07:30 - 09:00 AM | 06:00 - 07:30 AM |
| मंगलवार | 03:00 - 04:30 PM | 10:30 - 12:00 PM |
| बुधवार | 12:00 - 01:30 PM | 06:00 - 07:30 AM |
| गुरुवार | 01:30 - 03:00 PM | 06:00 - 07:30 AM |
| शुक्रवार | 10:30 - 12:00 PM | 07:30 - 09:00 AM |
| शनिवार | 09:00 - 10:30 AM | 01:30 - 03:00 PM |
मासिक शुभ योग एवं ग्रह गोचर
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1-क्लिक शेयर✨ अभिजीत: 11:54 AM - 12:45 PM
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⏱️ दिन और रात का चौघड़िया
शुभ, लाभ, अमृत व चर समय तालिका☀️ दिन का चौघड़िया (सूर्योदय से सूर्यास्त)
| मुहूर्त नाम | समय अवधि | शुभ / अशुभ फल |
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🌙 रात का चौघड़िया (सूर्यास्त से सूर्योदय)
| मुहूर्त नाम | समय अवधि | शुभ / अशुभ फल |
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💍 वर्ष 2026 शुभ मुहूर्त सूची
विवाह, गृह प्रवेश व वाहन खरीद💒 विवाह मुहूर्त 2026
नवम्बर 2026: 18, 22, 23, 24, 25, 27, 28, 30
दिसम्बर 2026: 2, 3, 4, 7, 11, 12, 14
🏡 गृह प्रवेश मुहूर्त 2026
माघ, वैशाख व कार्तिक मास:
12 फरवरी, 26 अप्रैल, 18 मई, 21 अक्टूबर, 24 नवम्बर
🚗 वाहन / गाड़ी खरीद मुहूर्त
सर्वार्थ सिद्धि व अमृत योग में नई गाड़ी की खरीद अत्यंत शुभ मानी जाती है।
सर्वार्थ सिद्धि🪔 प्रमुख हिन्दू त्यौहार एवं व्रत 2026
एकादशी, पूर्णिमा, दिवाली व छठ पूजा🪔 दीपावली (लक्ष्मी पूजन)
तारीख: 8 नवम्बर 2026, रविवार
प्रदोष काल एवं स्थिर वृषभ लग्न में महालक्ष्मी पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त।
☀️ महापर्व छठ पूजा
संध्या अर्घ्य: 14 नवम्बर 2026
प्रातः अर्घ्य 15 नवम्बर 2026 (रविवार) को उदीयमान सूर्य को।
🌙 करवा चौथ व्रत
तारीख: 29 अक्टूबर 2026, गुरुवार
चन्द्रोदय समय लगभग रात्रि 08:14 बजे (शहर अनुसार)।
🔱 महाशिवरात्रि
तारीख: 15 फरवरी 2026, रविवार
फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी, निशीथ काल पूजा का विशेष महत्व।
🙏 श्री हनुमान चालीसा
सस्वर पाठ एवं भावार्थ॥ दोहा ॥
श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि।
बरनऊं रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि॥
बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरौं पवन-कुमार।
बल बुधि बिद्या देहु मोहिं हरहु कलेस बिकार॥
॥ चौपाई ॥
जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुं लोक उजागर॥
राम दूत अतुलित बल धामा। अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा॥
महाबीर बिक्रम बजरंगी। कुमति निवार सुमति के संगी॥
कंचन बरन बिराज सुबेसा। कानन कुंडल कुंचित केसा॥